आत्मशुद्धि – दस

अंधेरे में बेचन ने देखा कि एक लम्बी सी छाया बरसाती नाले में उतर रही है और वह अपनी लाठी ठीक तरह पकड़ कर तैयार हो गया। ज्यों ही छाया नाले के मध्य में पहुँची कि बेचन ने कहा, “ठहरो!”       “खबरदार, कोई भी आगे मत बढ़ना …” प्रत्युत्तर में राहगीर की निर्भीक और रौबदार … More आत्मशुद्धि – दस

आत्मशुद्धि – नौ

      सरकारी अफसरों – कर्मचारियों के द्वारा आम जनता के साथ असभ्य, क्रूर और मानवाधिकार हनन् करने जैसी खबरों को अखबार के पन्नों पर नियमित रुप से पढ़ता हूँ; तब मुझे ऐसा लगता है कि शायद बेचन यादव का कहना बिल्कुल सत्य है … आज के लोग खुदगर्जी, बेइमानी, द्वेष और अहंकार का प्रयोग जीवन … More आत्मशुद्धि – नौ

आत्मशुद्धि – आठ

      बेचन यादव की ख्याति और कारनामे के बारे में पहले से ही मैं अच्छी तरह जानत था। इसलिए डर के मारे मैंने अदब से कहा, “मैं तो काफी डर गया था बेचन, पर तुम से मिल कर बड़ी खुशी हुई … हम दोनों पड़ोसी हो कर भी अपनी – अपनी व्यस्तताओं की वजह से … More आत्मशुद्धि – आठ

आत्मशुद्धि – सात

      कलियुग में रक्षा करने वाले साक्षात् भगवान महावीरजी को मन ही मन नमन – स्मरण करता हुआ खेत – बहियार के मध्य से हो कर मेरे गांव तक जाने वाली कच्ची सड़क पर मैं चल पड़ा।       सूनसान अंधेरी राहों पर तेजी से चलता हुआ मैं लगभग आधी दूरी तय कर बरसाती नाले के … More आत्मशुद्धि – सात

आत्मशुद्धि – छ:

      उसके बाद कई सालों तक पड़ोसी होने बावजूद बेचन से मेरी कभी भेंट न हुई। दरअसल स्कूल की पढ़ाई समाप्त करने के बाद मैं आगे की पढ़ाई के वास्ते शहर चला गया। जब कभी छुट्टी के मौके पर दो – चार रोज के लिए गांव जाता भी था; तो बेचन कहीं नजर न आता। … More आत्मशुद्धि – छ: